दिनांक 08/11/2020 को ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन के झारखंड प्रदेश की आधिकारिक बैठक हजारीबाग में आयोजित की गयी। प्रदेश संयोजक अमित चंदेल और हजारीबाग जिला अध्यक्ष अनुज चंद्रवंशी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें झारखंड के विभिन्न जिले के पदाधिकारी शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। राष्ट्रीय टीम की ओर से राष्ट्रीय सलाहकार परशुराम प्रसाद चंद्रवंशी भी शामिल रहें।
बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड प्रदेश के पदाधिकारी द्वारा झारखंड में चंद्रवंशी के एकजुटता एवं सामाजिक भागीदारी को मजबूती प्रदान करने पर विचार विमर्श करना रहा। बैठक में जरासंध महाराज की पूजा-अर्चणा की गयी। सभी पदाधिकारियों ने समाज और संगठन के प्रति अपना-अपना विचार रखा। और आगे की रणनीति तय की गयी जिसमें समाज को शिक्षित करना और युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए मार्गदर्शन की बात की गयी
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष के एकादशी को जेठान के रूप में मनाया जाने वाला पर्व है। यह बिहार में बडे़ उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन ईख (गन्ना) की खरीदारी जमकर होती है। जेठान के दिन मुख्य रूप से ईख को देवी-देवताओं पर चढ़ाया जाता है और गन्ना चुसने की परम्परा होती है। इस दिन भारत के अलग-अलग राज्यों में एकादशी भी मनाया जाता है। लेकिन बिहार में इस दिन जेठान के रूप में धूम रहता है।
जेठान पर्व के पीछे कथा संक्षिप्त में इस प्रकार है-
मगध की राजधानी राजगृह में महाराजा वृहद्रथ नाम के एक महाप्रतापी तथा धर्मात्मा राजा राज्य करते थे। जिनका विवाह काशी नरेश की दो सुन्दर सुशील कन्याओं से हुआ था। महाराज वृहद्रथ ने यह वचन दिया था कि वह अपनी दोनों पत्नियों से बिना भेदभाव के समान रूप से लगाव रखेंगे। लेकिन वृद्धावस्था तक उनकी कोई संतान नहीं हुई। संतान के और उत्तराधिकारी के शोक के कारण राजा अपना राजपाठ त्याग कर सन्यास लेने का विचार लेकर जंगल की ओर चल दिये। जंगल में राजा बृहद्रथ महात्मा चण्डकौशिक के आश्रम में उनका शिष्य बनने के उद्देश्य से पहुँचे। राजा ने पूरी श्रद्धा से महात्मा की सेवा की। राजा की सेवा से प्रसन्न होकर महात्मा चण्डकौशिक ने शिव का ध्यान कर एक आम्र फल दिया। राजा बडे आश्चर्यचकित हुए क्योंकि उन दिनों आम का मौसम नहीं था। महात्मा ने फल देते हुए कहा कि ये फल अपनी पत्नी को खिला देना, इससे तुम्हें संतान की प्राप्ति होगी। राजा अपने राज्य लौटकर सारी बातें रानियों को सुनाई और फल को आधा-आधा काटकर अपनी दोनों पत्नियों को खिला दिया। समय आने पर दोनों रानियों के गर्भ से शिशु के शरीर का आधा-आधा भाग पैदा हुआ। अशुभ और व्यर्थ समझकर राजा ने टुकडे को जंगल में फेंकने का आदेश दे दिया।
भगवान शिव के वरदान को निष्फल होता देख माँ पार्वती को दुख हुआ और उन्होंने अपना 85वां अवतार माता जरादेवी के रूप में लेकर वन में प्रकट हुई। बच्चें को जंगल में रखकर जब दासियां जाने लगी तब जरामाता उपस्थित होकर दासियों को ठहरने का अनुरोध की। माँ जरामाता ने दोनों टुकड़ों को हाथ में लेकर अराध्य देव भगवान शंकर की अराधना करते हुए दोनों टुकड़े को आपस में जोड़ दी और बच्चें की कमर में लोहे की एक कील दे दी। टुकड़े आपस में जुडते ही बच्चा किलकारियाँ करने लगा। जरामाता ने बालक को दासियों को सौंपते हुए राजमहल में लौट जाने को कहा। दासियां जानती थी कि उनकी बात कोई नहीं मानेगा इसलिए सभी ने अनुरोध किया कि वे खुद चलकर बच्चे को सौंपे।
माता ने उचित जानकर राजमहल पहुँची और राजा को बच्चा सौंपते हुए कही- राजन, यह आपका ही संतान है, मैंने अपने यश से इसे जोड़ दिया है, अब यह एक असाधारण और तेजस्वी बालक होगा। माता ने अपना परिचय वनदेवी के रूप में बताया।
माता जरादेवी राजा से इजाजत लेते हुए वहाँ से जाने की बात कही, तब राजा और उनकी रानियों ने बहुत अनुरोध किया कि वे महल में ही रह जाएं ताकि राजा और रानियाँ उनकी सेवा में अपना जीवन समर्पण कर सकें। लेकिन जरादेवी ने अपनी जिम्मेदारियों की बात कहते हुए राजा को यह दिलासा दी कि वह समय-समय पर आकर बच्चें से मिलती रहेगी। यह कहकर देवी वापस जंगल में चली गयी। आज जरामाता को जरैयादेवी, बन्दादेवी या वनदेवी के नाम से भी जानी जाती है।
राजा वृहद्रथ ने कहा कि आपके परोपकार और यश से ही मेरे पुत्र का पुनर्जन्म हुआ है इसलिए मैं अपने संतान का नाम आपके नाम पर ही रखूंगा। चूंकि जरा माता के द्वारा जोड़ा (संध) किया गया था इसलिए बालक का नाम जरासंध रखा गया। और यह घोषणा किया गया कि जरासंध का जन्मदिवस पर पूरे मगध तथा वृहद्रथ के सम्पूर्ण राज्य में इसे पर्व के रूप में धूमधाम से मनाया जाएगा। राजपुरोहितों के द्वारा इस दिन को और इस पर्व को “ज्योष्ठोत्थान” का नाम दिया गया। इस दिन जरामाता को वनदेवी के रूप में पुजा जाने लगा। इसी का अपभ्रंश है जेठान। इस दिन लोग ईख व अन्य फलों की पूजा पाठ करते हैं।
प्रजा जरासंध महाराज को जरासंधेश्वर कहा करती थी। वायु पुराण के “चतुर्थ राजगृह महामात्य” में ऐसा अंकित है कि “जरासंध के समान आज तक संसार में कोई धर्मात्मा राजा नहीं हुआ।”
1986 में बिहार के जहानाबाद जिले के कंसारा गाँव में घरेलू मारपीट के खिलाफ वहाँ पर औरतों ने घर का कामकाज बंद कर दिया। यह कोई बड़ी बात न होकर भी महत्वपूर्ण घटना बन गयी, जिसने घरेलू हिंसा की समस्याओं पर लोगों का ध्यान खींचा।
अपनी मेहनत के बदले न्यायोचित मजदूरी माँगने वाले और सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार मांगने वाले गरीब खेत-मजदूरों पर धनी किसान किस प्रकार अपना गुस्सा निकालते थे, कंसारा जैसे हत्याकांड इसकी मिसाल है। इस कांड से एक दिन पहले एक अमीर किसान विजय सिंह की हत्या हुई थी। फिर क्या था, धनी किसानों के हथियारबंद गुंडे कंसारा के पिछड़ी जाति (चंद्रवंशी-कहार) के गरीब खेत-मजदूरों पर टूट पड़े। दस लोगों की बर्बतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया। साथ ही गाँव में आग लगा दी गयी, जिसमें नौजवान भागने में तो सफल हुए लेकिन बुढ़े-बच्चे को काफी नुकसान हुआ।
जो पुलिस विजय सिंह की हत्या के मामले को लेकर तत्काल सक्रिय हो गई थी, उसी पुलिस ने कंसारा पहुँचने में 32 घंटे का समय लगा दिया। वह भी तब, जब गांव वालों ने पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर अरवल-जहानाबाद मार्ग जाम कर दिया था।
बिहार की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक परिस्थिति में आज भी कुछ खास बदलाव नहीं हो पाया है। दबंगई और असामाजिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा पिछड़े वर्ग और दलितों के साथ वारदात की घटना एक सामान्य सी बात हो गई है। विपक्षी दल इन घटनाओं की निंदा में ध्यान केंद्रित करवाकर अखबारों में बड़े-बड़े सम्पादकीय लेख छपवाकर अपना राजनीतिक पहलू मजबूत करवा लेते हैं और फिर अगले कांड़ की प्रतीक्षा करने लगते है। पुलिस को जीभर कोसा जाता है। पूंजीपति किसानों या दबंगों द्वारा पैसे और समर्थन के बल पर मंत्री और सांसदों के पदों पर आसीन बुजुर्आ पार्टियों के नेता इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए घड़ियाली आँसू बहाकर दिखा देते हैं।
कंसारा कांड में मुख्य भूमिका निभाने वाले सदस्यों को 23 फरवरी 2020 को AICYA द्वारा सम्मानित करते हुए
इस घटना के विरोध में चंद्रवंशी समाज द्वारा विधानसभा का घेराव किया गया और न्याय की माँग की गयी थी। लेकिन अफसोस, की जंगल राज में न्याय की मांग कर रहे सभी कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई करते हुए जेल में बंद कर दिया गया और उनके आवाज को डराने-दबाने के लिए उनपर कई तरह की धाराएँ लगा दी गयी।
दिनांक 22/09/2020 को ओहारी पंचायत के देवनपुरा गांव में पंचायत के सरपंच और ग्रामीण लोगों के साथ एक बैठक की गयी, जिसमें एक घटना में एक चंद्रवंशी भाई की मृत्यु हो गई थी। उसकी पत्नी के द्वारा यह बैठक बुलाई गई जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि मृतक के पिता की जो पैतृक संपत्ति है उसका आधा हिस्सा मृतक की बेटी को दिया जाएगा। इस फैसले में पंचायत के सरपंच और ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन के नवादा जिला संयोजक दिनेश चंद्रवंशी, ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी व मुकेश चंद्रवंशी एवं गांव के लोग मिलकर यह फैसला लिया, जिसमें सभी लोगों ने अपनी अपनी सहमति जताई और सरपंच साहब के द्वारा सारी कागजी कार्रवाई पूरी की गयी।
ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन के जिला संयोजक दिनेश चंद्रवंशी ने बताया कि जो पैतृक संपत्ति है, उसमें मृतक की बच्ची को आधा हिस्सा मिलेगा और उस बच्ची के लालन-पालन के लिए ₹500 प्रति महीना उनके दादा देते रहेंगे।
नहीं देने का स्थिति में मृतक के हिस्से का आधा जमीन और जो भी फसल होगा उसपर बच्ची का अधिकार रहेगा और बच्चे बड़े होने पर उसके शादी विवाह अगर सपरिवार मिलकर करते हैं तो ठीक है अन्यथा वह जमीन को बेचकर उसकी शादी विवाह में लगाया जा सकता है और इन फैसले से दोनों पार्टी राजी खुशी से अपना अपना हस्ताक्षर सभी पंचों के बीच में बना दिए। उस बच्ची की मां को पहले ही 20000 का परिवारिक लाभ के रूप में चेक वीडियो साहब के द्वारा दे दिया गया था। फैसले का एक कॉपी मैं शेयर किया जा रहा है।
दिनांक 22-09-2020 को ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन कटिहार की ओर से सरस्वती अबेकस सेंटर में शहर के मेधावी बच्चों को कोरोना के खिलाफ जागरूक करने के लिए ऑनलाइन ड्रॉइंग कांटेस्ट का सफल आयोजन किया गया। जिसमें Drawing का theme :- “Mask man” रखा गया था।
AICYA कटिहार जिकाध्यक्ष श्याम चंद्रवंशी ने बराता कि कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंशिंग का ख्याल रखते हुए इस प्रतियोगिता में विजित प्रतिभागियों में से केवल प्रथम, द्वितीय व तृतीय प्रतिभागियों को ही आमंत्रित किया गया था। तथा बाकी सराहनीय drawing वाले प्रतिभागियों को उनका पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र घर पर पहुँचाने की व्यवस्था की गयी है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में राम कृष्ण आश्रम के शाखा सचिव स्वामी महेश्वरानंद महाराज शामिल हुए। कार्यक्रम में दुर्गेश चंद्रवंशी, मुकेश चंद्रवंशी, अमित चंद्रवंशी व अन्य उपस्थित रहें। इस सराहनीय पहल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित राजन चंद्रवंशी, राष्ट्रीय सचिव ब्रजेश चंद्रवंशी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष विजय चंद्रवंशी, राष्ट्रीय संयोजक प्रमोद चंद्रवंशी, राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार अवधेश चंद्रवंशी व प्रदेश संयोजक भरत चंद्रवंशी ने जिला अध्यक्ष श्याम चंद्रवंशी के इस जागरूकता कार्यक्रम को खूब सराहा।
AICYA कटिहार सचिव दुर्गेश चंद्रवंशी एवं सह सचिव मुकेश चन्द्रवँशी ने कहा कि आगे भी समाज को जागरूक व प्रोत्साहित करने के लिए कटिहार टीम हमेशा तत्पर रहेगा और ऐसे कार्यक्रम करता रहेगा।
दिनांक 13/09/2020 को प्रदेश संयोजक भरत चन्द्रवंशी के आदेशानुसार समाज के कुलभूषण नथूनी बाबू के जन्मदिन के उपलक्ष्य में RNP SCHOOL, इटवां में जिला स्तरीय सभा का आयोजन किया गया। जिसमें नथूनी बाबू के योगदान को याद किया गया और युवाओं को प्रोत्साहित किया गया। इस सभा मे समाज को संगठित करना, शिक्षा पर जोर देना तथा रोजगार को बढ़ावा देने जैसे समाजिक मुद्दे पर चर्चा की गई। सभा की अध्यक्षता श्री ललन चंद्रवंशी पूर्व मुखिया के द्वारा किया गया तथा मंच का संचालन जितेंद्र चंद्रवंशी तथा हरेराम चंद्रवंशी के द्वारा किया गया । सभा में मुख्य अतिथि के रूप में प्रणव कुमार (SUPER 30) थे तथा AICYA के राष्ट्रीय सचिव ब्रजेश चन्द्रवंशी तथा राष्ट्रीय सलाहकार रामाशंकर चंद्रवंशी रहें।
अरवल और गया दौरे पर पहुँचे राष्ट्रीय सचिव ई. ब्रजेश चंद्रवंशी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने आसपास के समाजसेवियों से मुलाकात कर समाज को मजबूत करने का आग्रह किया तथा संगठन के पदाधिकारियों का हौसला भी बढाया।
दिनांक 13/09/2020 को झारखंड प्रदेश संयोजक अपनी टीम के साथ चैनपुर पंचायत बूढ़ीवीर स्वर्गीय मनोहर चंद्रवंशी के परिजनों से किया मुलाकात। इस विकट परिस्थिति में हिम्मत से काम लेते हुए परिवार का भरण पोषण करने का और हौसला बढ़ाया और कहां की पूरा चंद्रवंशी समाज के रुप में सम्मिलित है और आने वाले समय में हर संभव मदद किया जाएगा AICYA टीम ने स्वर्गीय मनोहर चंद्रवंशी के बेटा और बेटी से मिलकर संवेदना प्रकट किया और ब्रह्मभोज के लिए सामग्री और कुछ सहयोग राशि भी प्रदान किया।
विदित हो कि कुछ दिन पहले मृतक के बेटा आशीष चंद्रवंशी समाज से मदद मांगा था,जो कि निर्धन परिवार से थे, उसके घर में अब कोई कमाने वाला नहीं है जो की मां का देहांत भी पहले ही हो गया था मृतक के बड़ा बेटा आशीष चंद्रवंशी जो कि कुली और मजदूरी के काम करता है जिससे वह घर पालन और पोषण करता है उनके पीछे एक भाई और दो बहन भी है AICYA टीम ने बोला जितना भी मदद होगा हम सब मिलकर करेंगे हमेशा सुख दुख में AICYA टीम आपके साथ है । आज काम को सफल बनाने में पुरी झारखण्ड प्रदेश के पदाधिकारी एवं सदस्य का श्रेय जाता है।जिसमें मुख्य रुप से उपस्थित झारखंड प्रदेश संयोजक अमित चंदेल,पलामू जिला अध्यक्ष संजय चंद्रवंशी, लातेहार जिला अध्यक्ष संतोष चंद्रवंशी,लातेहार जिला संयोजक अभिनव वर्मा जी,हैदर नगर प्रखंड अध्यक्ष विवेक चंद्रवंशी ,लेस्लीगंज प्रखंड अध्यक्ष मनीष चंद्रवंशी, धनबाद जिला अध्यक्ष ब्रह्मदेव सिंह चंद्रवंशी, रांची जिला संयोजक पंकज चंद्रवंशी, चतरा जिला सचिव अजीत चंद्रवंशी, रवि वर्मा लातेहार मीडिया प्रभारी, शिवम रवानी, हजारीबाग जिला अध्यक्ष अनुज सिंह चंद्रवंशी और मीडिया प्रभारी अजीत एवं सोनू सिंह तथा प्रमोद चंद्रवंशी, अमित रवानी, नवीन सिंह चंद्रवंशी, रवि अन्य चंद्रवंशी परिवार उपस्थित थे।
दिनांक 13/09/2020 को All India Chandravanshi Yuva Association द्वारा पूरे भारतवर्ष में चंद्रवंशी समाज के कुलभूषण नथूनी बाबू का 164वां जन्मदिन बड़े हर्षोत्साह के साथ मनाया गया। अलग अलग स्थानों पर बैठक कर उनको याद किया गया तथा उनके सपनों को साकार करने की प्रतिबद्धता की गयी।
कहीं पर केक काटकर तो कहीं पुष्पार्पण कर जन्मदिन मनाया गया। AICYA पदाधिकारियों द्वारा नथूनी बाबू के कार्यों का विवरण कर समाज के युवा वर्ग को प्रोत्साहित और समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जन्मदिन को लेकर युवाओं में नया जोश देखा गया।
सहार प्रखंड के एकवारी गांव में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा चंद्रवंशी समाज के एक ही परिवार दो लोगों को आधी रात में अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी जिसमें एक वव्यक्ति की मौके पर मौत हो गयी। इस घटना से नाराज और आक्रोशित चंद्रवंशी समाज एकत्रित होकर, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा और फांसी की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद घटना स्थल पर तथा उनके घर पर AICYA राष्ट्रीय सलाहकार रामाशंकर सिंह उर्फ पिंटू चंद्रवंशी, राजद नेता संतोष सिंह, एम एल सी प्रो.रामबली चंद्रवंशी व अन्य सदस्य ने घटना स्थल पर सुबह पहुंच कर पूरी घटना की जानकारी ली। और प्रो.रामबली सिंह द्वारा थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर से जल्द से जल्द उचित कार्यवाही का निर्देश दिए गये। प्राप्त सूचना के आधार दो अपराधियों को पुलिस द्वारा धर दबोचा गया है, साथ AICYA टीम घटना पर नजर बनाए हुए हैं।
दिनांक 21/08/2020 कॊ नवादा जिला के वीरनांवा गाँव में चंद्रवंशी समाज के अराध्य देव जरासंध महाराज के मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया। AICYA नवादा जिला संयोजक दिनेश चंद्रवंशी, जिला सचिव संजय चंद्रवंशी, जिला कोषाध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी व अन्य सदस्यों द्वारा अगली सुबह 22/08/2020 को दौरा कर, हालात और मामले की जानकारी लिये और प्रशासनिक पहल भी किया गया।
राजद के MLC प्रो- रामबली चंद्रवंशी ने भी वीरनावां का दौरा किया, साथ में अनेक चंद्रवंशी संगठन के कार्यकत्ता शामिल होकर गाँव के लोगों का हौसला बढ़ाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।